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Geeta teaching misunderstood by secular कौनसा अर्थ सही "कर्म किये जा फल की इच्छा मत कर" या "तेरा कर्म पर ही अधिकार है फल पर नहीं"?

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना लेकिन आतंकी अल्लाह हु अकबर बोल के मासूमो को मारते है, इसका मतलब ये ही है की शब्दार्थ गलत समझाया जाता है. गीता के साथ भी ऐसा

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