बीवी को हिन्दू धर्म में क्यों कहते है अर्धांगिनी और धर्म पत्नी जाने इसका महत्त्व?

"पति को परमेश्वर कहा जाता है तो पत्नी को भी अर्धांगिनी या धर्म पत्नी कहा जाता है लेकिन आखिर इसका मतलब क्या होता है? क्या ये कोई उपमा है या अपमान जाने असली सच...."

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इंग्लिश में वाइफ तो हिंदी में अमूमन पत्नी कहा जाता है घरवाली को इसके अलावा कई और नामो से भी जाना जाता है. अर्धांगिनी, बीवी और धर्म पत्नी भी कहा जाता है लेकिन इस सभी नामो का अर्थ क्या है, बाकि सभी का अर्थ तो सामान्य है लेकिन अर्धांगिनी का अर्थ होता है पति का आधा अंग.

भगवान् शिव अर्धनारीश्वर के रूप में पूजित होते है उन्होंने अपने शरीर में मौजूद नारीत्व को भी खोज लिया इसलिए वो महादेव कहलाते है. शरीर में मांस हड्डिया और त्वचा ये औरत से मिलती है जबकि बाकि भाग मर्द से, हर एक में नारी और पुरुष है जिसमे बराबर होता है.

लेकिन धर्म पत्नी का क्या अर्थ होता है इसपे काफी विवादित बयान सुने होंगे आपने, धर्म भाई, धर्म पुत्र और पिता के जैसे धर्म पत्नी होती है ये कह कर इस रिश्ते को छोटा साबित किया जाता है. लेकिन असल में धर्म पत्नी का अर्थ है पति का धर्म निभाने में सहायक इसलिए धर्म पत्नी कहलाती है.

बिना पत्नी के पति गृहस्थ धर्म नहीं निभा सकता है, कुछ उदाहरण से जाने इसका मर्म...


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राजा का धर्म होता है की प्रजा में से कोई भी उसपे झूठा भी कोई लांछन न लगाए ऐसी मर्यादा स्थापित करना, लंका विजय के बाद इसी लिए सीता अग्नि परीक्षा हुई थी. सीता जी गर्भवती हुई तो राम जी ने उन्हें वरदान मांगने कहा था बाद में मांग लुंगी ये कह कर सीता जी ने वो वरदान बचाकर रखा.

उसी घटना के तुरंत बाद गुप्तचरों ने राम जी को बताया की एक धोबी ने सीता जी पर लांछन लगाया है, राम जी तब विचलित नहीं हुए थे. लेकिन सीता जी ने तब पति और परिवार की मर्यादा ध्यान में रखते हुए राम जी से वरदान में वनवास जाने की इच्छा जाहिर की थी जिसे सुन राम जी की आँखों से आंसू निकल गए थे.

ऐसे सीता जी ने पति का धर्म बचा लिया और एक नयी मर्यादा स्थापित की, इसलिए ही पत्नी को धर्म पत्नी कहा जाता है क्योंकि उसके बिना पति का धर्म (किसी भी तरह का) निभाया जाना मुमकिन नहीं है.

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