एक छोटी से भूल ने जडडु जी की शोहरत को मिटटी में लिया दिया था....

"नब्बे के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के मिडिल आर्डर की जान अजय जडेजा वकार यूनुस की धुलाई कर देशवासियो के चाहते बने हुए थे. लेकिन अचानक एक भूल से सब कुछ उजड़ गया.."

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नव नगर शाही परिवार में जन्मे अजय सिंह जडेजा अब भले ही क्रिकेट की दुनिया में जाना पहचाना नाम नहीं है लेकिन कभी वो ऐसे दिलो पर राजा करते थे जैसे आज कोहली. वो क्रिकेट के शाही परिवार से है उनके ही पूर्वजो के नाम पर रणजी और दिलीप ट्रॉफी आज भी आयोजित होती है.

फिर भी उन्हें वंशवाद के चलते नहीं बल्कि टैलेंट के चलते टीम में जगह मिली, वो भारतीय टीम के ही नहीं तब वर्ल्ड के बेस्ट फील्डर भी थे. आखिर वर्ष में उनकी धमाकेदार पारियों के लिए उन्हें याद किया जाता है, पाकिस्तान के खिलाफ 1996 क्वार्टर फाइनल में दो ओवर में 40 रन आज भी यादगार है.

वकार यूनुस तब दुनिया के टॉप बॉलर थे उनकी धुलाई से वो बन गए थे भारत के हीरो हालाँकि सेमीफ़ाइनल में भारत हार गया था लेकिन उस वर्ल्डकप को जडेजा के लिए ही याद रखा जाता है. लेकिन बाद में उनकी एक छोटी से भूल के चलते सब कुछ बर्बाद हो गया था.

जाने उनकी करियर...


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मैच फिक्सिंग का दाग जब उनके दामन पर लगा तो उनकी साड़ी उपलब्धियों पर पानी फिर गया, आरोप बस इतने थे की उनके बुकीज से रिश्ते थे. ऐसे ही आरोप अज़हर प्रभाकर आदि पर भी लगे थे लेकिन साबित कुछ नहीं हो पाया लेकिन प्रतिबन्ध लगा ही दिया था बोर्ड ने.

2013 में वो फिर रणजी खेले बाद में दिल्ली की टीम के कोच भी बने लेकिन अब कमेंटरी कर रहे है लेकिन उस समय जो उन्होंने खो दिया वो अब नहीं मिल सकता है. उस दौर में ही माधुरी उनकी गर्लफ्रेंड थी जिससे वो घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी भी करने वाले थे.

माधुरी ने भी उनपे विश्वास नहीं किया और वो उन्हें छोड़ गई नहीं तो वो आज भारत में ही होती (विदेश में नेने से शादी की)
  
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