Advertisement

84 कोसी यात्रा क्या है और क्यों होती है क्यों करनी चाहिए? जाने सभी इफ & बट के जवाब

"भारत भूमि में जन्म ही दुर्लभ है और इसमें भी अगर 7 पुरियो में जन्मे तो कहना ही क्या? उनके अलावा किसी और का इस क्षेत्र में प्रवेश तब ही सम्भव जब ऊपर से आज्ञा हो.."
Advertisement

image sources : iskondesiretree

दुनिया को इसके बारे में तब पता चला था जब VHP के भी 84 कोसी यात्रा करने के एलान के बाद 2013 में तत्कालीन उत्तरप्रदेश राज्य सरकार के सीएम अखिलेश यादव ने इसपर पाबन्दी लगा थी. पिछली बार इसकी यात्रा के दौरान यात्रियों पर दूसरे धर्म के लोगो ने पत्थरबाजी की थी जिसके बाद हिंसा में 4 मौते हो गई थी.

लेकिन सुरक्षा व्यवस्था करने के बजाय यात्रा ही स्थगित कर देना उचित नहीं था इसके चलते पुरे भारत में विरोध हुआ और अनंत 2017 में अखिलेश की बुरी तरह हार भी हुई. आम ऐसी मान्यता है की 84 कोसी यात्रा से 84 लाख योनियों से मुक्ति मिल जाती है इसलिए हर साल हजारो लोग इसमें शामिल होते है.

वैसे तो साल भर ये यात्राएं होती ही रहती है लेकिन चौमासे के दौरान और कार्तिक माह के दौरान यंहा विशेष उत्साह रहता है. 268 किलोमीटर की ये यात्रा वैसे तो काफी दुर्गम है लेकिन रोज 12 किलोमीटर करते हुए 20-25 दिन चलने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होती है और यात्रा भक्ति भाव में ही निकल जाती है.

जाने क्यों होती है क्यों करनी चाहिए?  


image sources : dailybhaskar

गोकुल के वासियो की रक्षा के लिए भगवान् कृष्ण ने जिस गोवर्धन को उठा लिया था वंही से इस यात्रा का शुभारम्भ होता है उसके बाद यमुना के दर्शन और वृज के सभी तीर्थो से होते हुए ये यात्रा समाप्त होती है. यूपी के 6 जिलों के अलावा राजस्थान और हरयाणा में भी कुछ जगहों पर वृज क्षेत्र है.

इस यात्रा के दौरान कोई भी पाप करने से बचा जाता है और पैदल यात्रा हो या फिर पड़ाव सभी जगह सत्संग भजन चला रहता है ज्यादातर इसका नेतृत्व साधू पुरुष ही करते है.


image sources : lovejoy

1100 सरोवर, 36 वन उपवन पहाड़ पर्वत पड़ते है इसके अलावा कृष्ण लीला के दौरान घटी सभी घटनाओ से जुड़े चिन्हो का भी इस यात्रा के दौरान तीर्थ लाभ मिलता है.

गर्ग संहिता के अनुसार जब श्री कृष्ण और राधा गोलोक छोड़ धरती पर अवतार लेने वाले थे तो राधा जी के आग्रह पर उन्होंने गोलोक की 84 कोस की भूमि जिसमे यमुना और गोवर्धन पर्वत भी शामिल थे को भी धरती पर ले जाने का फैसला किया था इसी कारण से इस ब्रिज भूमि की इस यात्रा का महत्त्व है.

वैकुण्ठ से भी बढ़कर है ये धरती ऐसे में अगर इसका सम्मान होगा यात्रा होगी इस क्षेत्र का सेवन होगा तो समझो आपका बड़ा पार है. हर हर महादेव....
Advertisement

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Untold facts about sanjay dutt पाकिस्तानी आर्टिस्ट से शादी करने वाले थे संजू, दिलनाज ने लगा दी थी सेंध....

संजय दत्त की छवि सुधारने वाले राजकुमारी हिरानी खुद की छवि बिगड़ गई है वैसे उन्होंने फिल्म में संजू की नकारात्मकता को छुपाया है जो की एक आइडल बयोपिक में होता है..

secret story of radha reach to dwarka city जाने क्या हुआ जब कृष्ण संग द्वारका नगरी पहुंची राधा रानी?

श्री कृष्ण की प्रेयषी राधा वृन्दावन में रही और कृष्ण के वियोग में 100 साल रही उनका कृष्ण से विवाह नहीं हुआ ये सब आपने सुना होगा अब जाने कृष्ण के राजगुरु की बताई

Bollywood couple who just broke up बॉलीवुड कपल्स जिनका होते होते रह गया था ब्रेकअप, जाने वजह और लिस्ट

बॉलीवुड में आज जो विवाहित जोड़े आदर्श बने हुए है ऐसा नहीं है की वो हमेशा से ही ऐसे रहे हो और उनमे उतार चढ़ाव नहीं आया हो, लेकिन उन्होंने पार कर लिया वो समय. जाने?

Joya akhtar career of controversy कामसूत्र में अभिनय से शुरू किया था करियर, अपनी माँ से पर्दे पर करवा चुकी है लिपलॉक

शबाना आज भी निसंतान है, जावेद अख्तर की पहली शादी से जो हनी से संताने थी वो ही दो बच्चे है दोनों बॉलीवुड में कार्यरत है नाम है फरहान और जोया. फरहान एक हीरो के...

Know secret of narmada river गंगा छूने से तो नर्मदा जल देखने भर से ही कर देता है पवित्र, जाने इसका माहात्म्य

हर हर गंगे कह हम रोज स्नान करते है और इसे पापनाशिनी गंगा कहते है लेकिन क्या आप जानते है की गंगा जल को छूने से तो नर्मदा को तो देखने भर से ही मिलता है वही फल तो

Bollywood actress struggle in south to get work in bollywood वंशवाद की मार : दक्षिण में सफल होने पर ही बॉलीवुड में मिला इन अभिनेत्रियों को काम...

बॉलीवुड में कभी हीरो की सिरफारिश पर या स्टार्स की सिरारीश पर ही काम मिलता था नहीं तो काबिलियत पर लेकिन अब वंशवाद से, इसके चलते कई अभिनेत्रियों को दक्षिण में....