बाल कृष्ण ने गोकुल में लगाए थे जो मोतियों के पेड़, वो आज भी मौजूद है बृज में...

"111 साल की उम्र में श्रीकृष्ण ने ऐसे ऐसे कर्म कर दिए थे जो उनके पहले किसी भी अवतार ने इतने कम समय में नहीं किये थे, उन्ही में से एक था बालपन में मोतियों का पेड़"

image sources : youtube

बचपन से ही हम दूरदर्शन पर भारतीय पौराणिक इतिहास की कथाये मूर्त रूप में चलचित्र या कार्टून श्रंखलाओ में देखते आये है जो की आज भी जारी है. अब तो बहुत से एंटरटेनमेंट चैनल्स आ गए है ऐसे में निर्माता भी बढ़ गए है ऐसे में रिलायंस मीडिया ने में लिटिल कृष्णा पर एक सीरीज बनवाई थी.

टीवी पर आपके बच्चे उसे बहुत पसंद भी करते होंगे, उसी में एक ऐसी कथा आई थी जो की कम ही लोग जानते है या उसे काल्पनिक मानते है लेकिन असल में वो कथा सत्य है. इस श्रंखला की कथा के अनुसार गोपिया त्यौहार से पहले मोतियों की मालाये अपनी माताओ के लिए बनाती है जिसे देख कृष्ण उनसे अपनी गौओ के लिए मोती मानते है.

लेकिन गोपिया उनके द्वारा मांगे जाने पर नखरे दिखाते हुए मना कर देती है, ये देख कृष्ण रुष्ट हो जाते है और अपनी माँ से कुछ मोती मांग कर लाते है उन्हें उगाने के लिए. श्री कृष्ण मोती उगाते है उन्हें दूध दही घी से सींचते है तो उस स्थान पर पीलू (राजस्थान में इसे जाल कहते है) उग आते है लेकिन कृष्ण तब बांसुरी बजाते है और उससे मोती उग आते है.

ये कल्पित कथा लगती जरूर है लेकिन असल में इसके साक्ष्य आज भी मौजूद है...


image sources : youtube

बृजमण्डल में आज भी वो पेड़ मौजूद है जिनपे सुन्दर मोती लगते है, लोग उन्हें चुनते और सहेजते है. वैसे तो पीलू के पौधों पर मोती नहीं उगते है लेकिन श्री कृष्ण का चमत्कार ही है जो आज भी इस पेड़ पर मोती लगते है जो की देखने में काफी सुन्दर है और सहेजने योग्य है.

असल में ये आस्था की शक्ति है की आज भी श्रीकृष्ण के अद्भुद प्रमाण ब्रिज में मौजूद है इसलिए लोग इस 84 कोसी यात्रा के लिए दूर दूर से आते है..


image sources : youtube

आज भी वो कुंड मौजूद है जिसका नाम ही मोती कुंड है जिसके पास ही उगे पीलू के पेड़ो पर चमत्कारिक रूप से सुन्दर मोती लगते है.

84 कोसी परिक्रमा के दौरान आज भी लोग यंहा ये मोती चुनने आते है, घंटो कतार में लग कर इस पेड़ से मोदी मिलने की प्रतीक्षा में इंतजार करते है. 

इस कुंड की भी अपनी कथा है, मोती प्रकरण के बाद जब राधा और उनकी सहेलियों का प्रयास (ऐसा ही) विफल रहता है तो वो कृष्ण को टोंट मारती है और तब कृष्ण उसी स्थान पर गोपी और श्याम कुंड बना देते है जो की आज भी है.

Share This Article:

facebook twitter google