भगवान् विष्णु और शिव के अलावा क्या किसी देव ने लिया है धरती पर अवतार? जाने

"भगवान् विष्णु इस कल्प में अब तक 9 प्रमुख और 14 गैर प्रमुख अवतार ले चुके है जबकि शिव जी ने भी 11 रुद्रावतार लिए है लेकिन इनके अलावा क्या किसी देव ने धरती पर....."

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अभी जारी भगवान् ब्रह्मा के दिन जिसे कल्प कहा जाता है का नाम वराह कल्प है, जिसका लगभग आधा दिन बीत चूका है. इस कल्प में भगवान् विष्णु के 9 मुख्य और 14 अंशावतार हो चुके है जबकि कल्कि अवतार इस कलियुग के अंत में होने वाला है ऐसा शाश्त्रो में बताया गया है.

इसके अलावा भगवान् शिव के भी 11 अवतार हो चुके है जिनमे दुर्वासा जी और हनुमान जी प्रमुख है, इनके अलावा हर द्वापर युग की शुरुवात में वो अपने 4 शिष्यों के साथ भगवान् वेदव्यास जो की विष्णु जी के अंशावतार बताये गए है की मदद के लिए जन्म लेते है या प्रकट होते है.

लेकिन इन दोनों (हरी और हर) के अलावा क्या कोई और देव जिसमे ब्रह्मा जी, गणेश माँ दुर्गा भी शामिल है या देवता जिनमे सूर्य और इंद्र भी शामिल है धरती पर अवतार लेकर जन्मे है क्या? शायद ही बहुत ज्यादा लोगो के पास हो इस सवाल का जवाब, जाने हमारे श्रेष्ठ ज्ञातव्य में इसका जवाब.....


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अत्रि ऋषि की पत्नी अनुसूया जी ने त्रिदेवो को अपना पुत्र बना लिया था तब वरदान में उन्हें उनके गर्भ से जन्मने का (त्रिदेवो के) का वरदान मिला था. तब चन्द्रमा के रूप में ब्रह्मा जी ने उनके गर्भ से अवतार लिया था ये ब्रह्मा जी का हमारे ज्ञातव्य में एकमात्र धरती पर मनुष्य रूप में अवतार था.

इनके अलावा न तो माँ शक्ति और न ही गणेश और सूर्य किसी ने भी धरती पर मनुष्य रूप में जन्म नहीं लिया है. हाँ श्रापित होकर यमराज ने विदुर के रूप में तो काम ने प्रद्युमय के रूप में जन्म लिया था, अभिमन्यु भी चंद्र देव के ही अवतार थे श्रापित वसु के रूप में भीष्म जन्मे थे.

सिर्फ त्रिदेवी ही (शिव और शक्ति एक है सूर्य ही शिव यानी ईशान है और गणेश भगवान् विष्णु के अवतार है) स्वतः जन्म लेने का पुरुषार्थ रखते है.

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