शाहरुख़ खान को जिसने बनाया हीरो, स्टार बनते ही उन्ही की करने लगे थे बेइज्जती....

"हालाँकि पिछली 5 वर्ष की अवधि में किंग खान सिर्फ शाहरुख़ बन गए है और सलमान ने उनकी जगह ले ली है लेकिन उन्होंने फर्श से अर्श का सफर तय किया और करते ही वो घमंड का.."

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कॉलेज के दिनों से ही दोनों का प्यार परवान चढ़ा, न उसके दरमियान उम्र आई नहीं धर्म! सुनते है की दोनों के माता पिता दोनों की उम्र के चलते शादी के खिलाफ थे न की धर्म के, लेकिन आज सभी गलत साबित हो गये. दिल्ली में जन्मे शाहरुख़ के पिता एक व्यवसायी थे और इसीलिए शाहरुख़ मेघावी हुए.

अमृता सिंह उनकी बचपन की दोस्त थी, वो फुटबॉल और हॉकी में काफी अच्छे थे और एक स्पोर्ट्समैन ही बनना चाहते थे लेकिन कंधे की चोट के चलते इरादा बदल दिया. स्टेज पर एक्टिंग करने पर प्रसंसा मिली तो उन्होंने फिल्मो में करियर अपनाने की सोची थी लेकिन उसके पहले गौरी को.

गौरी की उनसे कुछ अनबन हो गई तो वो मुंबई चली गई थी तो शाहरुख़ वंहा सड़को पर रेक पर सोकर महीनो रहे थे वो बिना पते के ही अपनी प्रेमिका के पीछे चले गए थे. "पूरी कायनात आपके साथ हो जाती है...." वाला संवाद शायद उनपे ही था एक दिन ताज होटल के सामने गौरी मिल ही गई और दोनों ने शादी भी की.

लेकिन फिल्मो में कैसे आये और आने के बाद किसे कैसे बिसराया ये भी समझ के ले....


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दिल्ली में रहकर शाहरुख़ खान टीवी एक्टर बन चुके थे और कई लोकप्रिय हिंदी धारावाहिक से चर्चित थे लेकिन माँ की मौत के बाद उन्होंने कुछ बड़ा करने की सोची और मुंबई चले गए. वंहा उनके पास न रहने को कोई जगह थी और न ही काम और न ही दो जून की रोटी.

ऐसे में विवेक वासवानी ही वो शक्श थे जिन्होंने उन्हें अपने घर में शरण दी उन्होंने बॉलीवुड के प्रोडूसर और डायरेक्टर्स से मिलवाया लेकिन वो लगातार ऑडिशन में फ़ैल हो रहे थे अपनी नाक की बनावट की वजह से. 

लेकिन क्या आप यकीन करेंगे के शाहरुख़ खान को तब हेमा मालिनी ने अपने निर्माण निर्देशन की पहली फिल्म दिल आशना है में पहला कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ इसलिए दिया क्योंकि उन्हें शाहरुख़ खान की नाक काफी पसंद आई थी....लेकिन उन्ही हेमा मालिनी ही शाहरुख़ ने तब निकलवा दिया अपनी फिल्म से....


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1995 तक शाहरुख़ का करियर बुलंदियों पर था और उन्हें पैसे कमाने का इतना शौक चढ़ गया की उन्होंने निरोधकों के एड्स भी करने में गुरेज नहीं समझा था. ऐसे में जमाना दीवाना के लिए उनके साथ रवीना टंडन को साइन किया गया था लेकिन फिल्म में उनके साथ हेमा मालिनी को भी एक ख़ास रोल था.

शाहरुख़ नहीं चाहते थे की हेमा उनके साथ काम करे, इसलिए उन्होंने हेमा मालिनी को इस फिल्म से निकालने की शर्त फिल्म निर्माताओं के सामने रख दी. स्टार को कौन टाले इसके चलते हेमा को इस फिल्म से बाहर कर दिया गया था और शाहरुख़ के घमंड को बूस्टर मिल गया था.

असल में शाहरुख़ को लगता था की फिल्म दिल आशना है में हेमा ने दिव्या भारती के रोल को ज्यादा तवज्जो दी थी और उनके करियर को चोट पहुंचाई. लेकिन इस विवाद के चलते बिना मुखर्जी को ये रोल मिला पर फिल्म फ्लॉप हो गई लेकिन शाहरुख़ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा था.

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