घदो से जूता हुआ होता था रावण का रथ, जाने ऐसे ही चौंकाने वाले फैक्ट्स

"राक्षसराज रावण के बारे में आप कितना जानते है? भले ही उसे सेक्युलर परकाण्ड पंडित का दर्जा दे लेकिन असल में हनुमान जी ही सबसे बड़े परकाण्ड पंडित थे रामायण के जाने."

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रावण का नाम सुनते ही सबसे पहले आपके मन में क्या विचार आता है? सीता हरण करने वाले का दशहरे को दहन आता है तो आप धार्मिक है और अगर परकाण्ड पंडित, शिव भक्त आदि आदि आता है तो आप फर्जी वाले सेक्युलर है. असल में आजादी के बाद लेफ्ट ने देश के इतिहास और आध्यात्मिक इतिहास से छेड़छाड़ की.

महा खलनायक रावण को हीरो बनाने के पेश करने का काम हुआ इसलिए आजकल लोग रावण दहन का उसे ब्राह्मण बताकर विरोध करने लगे है भले ही सोशल मीडिया में. इसके आलावा कई जातिया तो स्वर्ण विरोध के लिए भी रावण को पूजने लगी है जो की देश के सौहार्द के लिए भविष्य में घातक होगा.

सकारात्मक पहलु की अगर बात करे तो (रावण के बारे में आप भी कमेंट करे) आपको क्या बात ध्यान में आती है? रावण ने बाकि राक्षशो की ही भांति वरदान के लिए भगवान् शिव की तपस्या की थी ऐसे में उसे शिव भक्त भी नहीं कह सकते उपासक जरूर था ये कह सकते है.

बस चूँकि वो विश्रवा ऋषि का बेटा था तो उसे बचपन में वेदशास्त्र बढ़ाये जाने का अधिकार था सो उसने सीखे, लेकिन अब जाने अनजाने फैक्ट्स....


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जब माँ के गर्भ से जन्म तभी से उसके 10 सर थे, इसलिए उसका नाम बचपन में दशग्रीव ही रखा गया था.

रावण लगभग 8 लाख साल जिया था, उसके सगे और दूर के 6 भाई थे 3 पत्निया थी (बाकि रखैल) और 7 पुत्र (सगे) थे.

रावण की लंका में माँ शक्ति का रूप कात्यायनी विराजमान था जिसकी उपासना से वो हर युद्ध में अजेय हो जाता था.

रावण की लंका की दीवारे भर सोने की थी बाकि पूरी नगरी में सोने की कली (पोलिश) की गई थी!

नाभि में अमृत होने से वो अवध्य हो गया था अन्यथा उसका पुत्र मेघनाद अश्त्र शाश्त्रो की ताकत से रावण से भी बलशाली था!

जिस रथ पर रावण सवारी करता था वो वायुमार्ग से भी उड़ सकता था और उसपे घोड़ो की जगह घदे जूते हुए थे!

जटायु से संघर्ष के दौरान जटायु ने उसके उस रथ को खिन्न भिन्न कर दिया था, तब उसे मार कर उसने पुष्पक को बुलाया था!

रावण ने अपने सौतेले भाई कुबेर के बेटे नल कुबेर की प्रेमिका अप्सरा का ये कह के अपनी सेना के सामने ही बलात्कार किया था की अप्सराये किसी की पत्नी नहीं हो सकती, जबकि उसकी पत्नी मंदोदरी खुद एक श्रापित अप्सरा थी.


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रावण ने यमलोक को जीतकर वंहा दंड भुगत रही आत्माओ को भी शामिल कर लिया था अपनी सेना में!

रावण ने सभी ग्रहो को कर लिया था अपने वश में, शनि नहीं माना तो कैद कर लिया था जिसे बाद में हनुमान जीने मुक्त करवाया था (लंका दहन के समय)!

घमंड में हिमालय उठा लिया था रावण ने, तब शिव ने अपने नख के जोर से 3000 साल दबाये तखा था उसका हाथ.

इसी दौरान रावण ने शिव तांडव स्त्रोत्र की रचना की जिसके उच्चारण से शिव प्रसन्न हुए और दिया था वरदान!

सूर्पणखा के पति को युद्ध में रावण ने ही मारा था, क्रोध में उसे होश नहीं रहा की वो क्या कर रहा है.

पाताल लोक की हजारो स्त्रियों को रखैल बना रखा था लंका में रावण ने

रावण की मौसेरी बहिन को उठा ले गया था लवणासुर, बाद में हो गया प्यार तो संधि कर ली थी उससे रावण ने! 

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