शर्मनाक : दुर्दांत रेप दृश्य फिल्माने के लिए बेस्ट एक्टर की श्रेणी में नामांकित किया गया विलन को

"बॉलीवुड एक धंधा है जिसमे वंशवाद है जो की लाजमी ही है लेकिन ये धंधा कितना गन्दा है की उसके लिए राष्ट्रिय नैतिकता की कोई कदर नहीं है, समाज पर क्या असर पड़ेगा वो..."

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अगर आप फिल्मो के शौकीन है तो आपको ये पता होना चाहिए की आज जंहा फिल्मो में काम के लिए मारा मारी है, सोनू निगम को गाने के लिए सामने से पैसे देने पड़ रहे है. एक्ट्रेसेस को काम पाने के लिए कास्टिंग काउच तक करवाने में भी गुरेज नहीं है हमेशा ऐसा दौर नहीं था.

आजादी के पहले तो या तो हीरो की बीवी या फिर मर्द ही औरत बन के महिलाओ के रोल किया करते थे, देश का बंटवारा हुआ तो पाकिस्तान से आये या फिर भर में रहे मुस्लिम शरणार्थियों ने बॉलीवुड में ही रोटी देखि. लगभग सभी मुस्लिम अभिनेता अभिनेत्रियों ने नाम बदलकर काम किया काम मिला भी.

लेकिन ये सभी नौसिखिये थे जिन्हे सिखाकर एक्टिंग करवाई जाती थी, ऐसे में फिल्मफेर संस्था ने एक्टिंग टैलेंट शो का आयोजन शुरू किया. पहले ही मुकाबले में फरीदा जलाल ने राजेश खन्ना को पछाड़ कर ख़िताब जीता लेकिन वो बहिन बन गई और खन्ना सुपर स्टार, लेकिन धीरे धीरे परिवार वाद ने स्थान ले लिया तो एक्टिंग का फिर टोटा पड़ने लगा और कहानियो का भी.

तब बॉलीवुड में अश्लीलता और बलात्कार को मसाला बनाकर परोसा जाने लगा जो की आज के भारत का कारण है (रेप्स का), जाने रेप से बदले की संस्कृति भारत में विकस्ति करने वाली BR चोपड़ा की फिल्म इंसाफ का तराजू के कुछ फैक्ट्स....


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फिल्म इन्साफ का तराजू हॉलीवुड फिल्म लिपस्टिक की हिंदी रीमेक थी, इसके निर्माता निर्देशक BR चोपड़ा थे जिन्होंने बाद में टीवी की महाभारत भी बनाई थी. 

फिल्म सुपरहिट रही थी जिसका एक कारण ये था की फिल्म में 16 साल की पद्मिनी कोल्हापुरी जो की एडल्ट स्टार बन चुकी थी का 7-8 मिनट लम्बा बलात्कार का दृश्य दिखाया जाने वाला था जिसका की खूब प्रचार हुआ था.

परदे पर बलात्कार देखने के लिए आप यकीन नहीं करेंगे बॉलीवुड में पहली बार टिकट्स ब्लैक होने लगे थे.


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राज बब्बर फिल्म के समय उभरते हुए कलाकार थे जबकि ज़ीनत अमान एक स्थापित अभिनेत्री, फिल्म में काम करने के लिए राज बब्बर बिना स्क्रिप सुने तैयार हो गए थे क्योंकि उन्हें चोपड़ा ग्रुप के साथ काम करने में करियर दिखा.

बाद में जब चोपड़ा साब ने राज बब्बर को स्क्रिप्ट सुनाई तो उनको पसीने छूटने लगे, जैसे तैसे उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरी के साथ का दृश्य फिल्मा लिया था लेकिन ज़ीनत के रेप के समय उनके पसीने छूट गए थे.

तब राज बब्बर ने चोपड़ा से उनके रोल को कुछ हल्का करने को कहा क्योंकि फिल्म में उनका रोल बेहद दुर्दांत हो गया था लेकिन डायरेक्टर नहीं माने

बाद में ज़ीनत ने इसे एक्टिंग बताकर घबराये राज बब्बर को तैयार किया, तब उन्होंने अपने अंदर के जानवर को जगाया और थप्पड़ मारते हुए (जीनत को रेप से पहले) कपड़े फाड़ कर दृश्य फिल्माया उनके इस बदलाव को देख ज़ीनत भी चौंक गए.  

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