Advertisement

दशकों शोध से किसी नतीजे पर पहुँचते है पश्चिम के वैज्ञानिक, फिर कहते है की ये वेदो में पहले से मौजूद...

"युग (12000x) सहस्त्र (1000X) योजन (X12) पर भानु हनुमान चालीसा में जो दुरी सूर्य की धरती से दी है वो ही वैज्ञानिको ने 3 सदियों बाद नापी, इसलिए अब वो वेदो के कदर"
Advertisement

image sources : youtube

पृथ्वी से सूर्य की दुरी वैज्ञानिक 146 million किमोमीटर बताते है जो की 1653 में प्रतिपादित हुआ था लेकिन उसके पहले ही तुलसीदास की हनुमान चालीसा में ये दुरी लिख दी गई थी. युग सहस्त्र योजन पर भानु, युग मतलब 12000 सहस्त्र मतलब 1000 और योजन मतलब 12.2 किलोमीटर जिसका गुना करने पर 14.64 करोड़ होता है .

दोनों की दुरी समान ही है मतलब पाश्चात्य के वैज्ञानिको ने वो ही खोजा जो भारत के इतिहास में उससे पहले ही खोज लिया गया था. ऐसे ही भारत के इतिहास (आधात्म यानि इतिहास जो पुराणों वेदो और ग्रंथो में लिखा है) में चंद्र की दुरी हो या पृथ्वी का आकर प्रकार सब बताया हुआ है वो ही खोजै है वैज्ञानिको ने.

आधुनिक कैलेंडर भी भारतीयों ने कभी के खोल रखे है भारत में तो सूर्य ही नहीं चन्द्रमा की गति के आधार पर प्रचलित कैलेंडर आज भी प्रचलन में है. आने वाले सूर्य चंद्र ग्रहण और खगोलीय घटनाएं भारत के ज्योतिषी अंगुलियों पर गईं कर बता दी है जिसे जान स्तब्ध है विदेशी वैज्ञानिक और वेदो के ले रहे है शरण.

जाने कुछ ऐसे ही गौरवान्वित करने वाले तथ्य....


image sources : hitxp

500 वि ईस्वी में बिहार के नालंदा में विश्व विद्यालय शुरू हुआ था जो कभी दुनिया का पहला कॉलेज था जंहा एशिया के सभी देशो से विधार्थी पढ़ने आते थे. लेकिन 1200 ईस्वी के अंत में भारत में जब तुर्क आये तो क़ुतुबदिन ऐबक के सेनापति बख्तियार ने इसे लुटा और इसको समाप्त कर दिया था.

इस यूनिवर्सिटी को तहस नहस कर दिया गया था जिसमे दुर्लभ 90 लाख किताबे भी थी जो की स्वाहा हो गई और न जाने कितना दुर्लभ इतिहास हमसे दूर हो गया. कुछ विदेशी इतिहासकारो न कहना है की उसी समय की बची कुछ शोध पुस्तकों को ही विदेशी भ्रमणकारी भारत से ले गए और तब शुरू हुए यूरोप में अविष्कार...

आप अंदाजा लगाइये की दुनिया भर में सिर्फ एक ही ऑक्सीजन (प्राणवायु) को जाना जाता है जबकि आयुर्वेद में 10 तरह की ऑक्सीजन के बारे में जिक्र है जो की अलग अलग तरह के काम करती है.


image sources : hindujagrati

एक और सिद्धांत ये कहता है की वास्को डीगामा 1500 ईस्वी में भारत आया चौंकाने वाली बात ये है की उसके भारत से जाने के बाद ही यूरोप में जाने की 17 वी सदी की शुरुवात में ही वंहा मुख्य आविष्कार प्रारम्भ हुए थे जो की आज भी क्रन्तिकारी है.

यूरोप में और कुछ भारतीय विद्वान् भी मानते है की वास्को और उसके बाद यंहा आये कुछ पर्यटक भारत से सुश्रुत और उनके जैसे ही विद्वानों और कई और विद्वानों द्वारा लिखी गई शोध पुस्तके ले गए जो की आज भी (नासा में भारत की लिपिया सुरक्षित है) सुरक्षित रखी है.

इनफर्टिलिटी (पांडवो का जन्म), गर्भ स्थानांतरण (बलराम का रोहिणी के गर्भ में), लिंग परिवर्तन (शिखंडी), मर्द का बच्चा पैदा करना (राजा मान्धाता), बुड्ढे का फिर से जवान होना और जवान का बुद्धा होना, दो धड़ो का फिर जीवित होना खून से नए मानव का जन्म आदि आदि उदाहरण हमारे इतिहास में मौजूद है जिसे वेस्ट या तो अब खोज चूका है या खोज लेगा.

ये सब बताते है की हमारा इतिहास कितना गौरवशाली था जिसकी तरफ हमें बढ़ना ही चाहिए....
Advertisement

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Bollywood movie male rape बॉलीवुड फिल्मो में पुरुष बलात्कार को भी सामान्य बात दिखाया जाना कितना सही?

बॉलीवुड फिल्मो में गे (वेस्टर्न) संस्कृति को भी कॉमेडी के रूप में दिखा दिया और उसे सामान्य बताया ऐसे ही बलात्कार (पुरुष) को भी अब स्वीकार्य करवा रहा है ये तपका

7 cities of moksha in india जाने, 7 पुरियो की भूमि में ऐसा क्या है जो यंहा मरने वाले को मिलता है मोक्ष?

क!शी, अयोध्या, मधुरा, हरिद्वार, कांचीपुरम, अवंतिका (उज्जैन) और द्वारका ये सप्तपुरिया यानि सात नगर कहे गए है! प्राचीन भारत में ये मान्यता रही थी की इन सात नगरों

Bollywood actress compromise & success उत्पीड़न के आरोप लगाकर पलटने वाली अभिनेत्रियों ने सफलता में छुए नए आयाम, लेकिन

मी टू में भाग लेने वाली ज्यादातर अभिनेत्रियां वो ही थी जो की अब आउट ऑफ़ दी वर्क हो चुकी है बाकि ने बताई भी तो बॉलीवुड के अलावा सच्चाई ये है सफलता का मन्त्र???

Know secret of sridevi's life in boni kapoor बोनी ने करानी चाही थी अर्जुन से श्रीदेवी की दोस्ती, हुआ ऐसा काण्ड के....

एक पत्नी को बिना कारण छोड़े बिना दूसरी पत्नी को घर ले आना और उसके बाद दूसरी पत्नी से पहली पत्नी को स्वीकार करने को कहना कितना मुश्किल काम होगा, जाने श्रीदेवी की

Girnar mountain in revatak piece of vaikuntha धरती पर वैकुण्ठ का 100 कोस का टुकड़ा है ये क्षेत्र, जाने श्री कृष्ण का अद्भुद संसार

शिव की काशी प्रलय में भी नष्ट नहीं होती है ऐसे ही वृन्दावन का 84 कोस क्षेत्र भी नष्ट नहीं होता है जो की गोलोक का टुकड़ा है ऐसे लेकिन एक स्थान वैकुण्ठ का भी टुकड़ा

Yalgaar d company treat changed juhi chawla जूही चावला की जगह अंतिम क्षणों में बदला गया नग़मा को, जाने महा सीक्रेट कारण

धर्मेंद्र समेत कैयो ने छोड़ी तो अमिताभ को मिली थी ज़ंजीर लेकिन जब अंतिम क्षणों में तय की गई स्टारकास्ट को बदल दिया जाए तो इसका सख्त कारण होना चाहिए जाने रहस्य????