90 लाख सालो पहले धरती पर अस्त नहीं होता था सूर्य, 3 अरब साल बाद फिर से होगा ऐसा!

"सूर्योदय और सूर्यास्त से पूरी दुनिया जुडी हुई है जो की सभी के लिए एक समय सारणी है लेकिन क्या हो अगर सूर्यास्त ही न हो और अगर न हो तो क्या पड़ेगा दुष्प्रभाव?????"

image sources : youtube

भारत की ऐतिहासिक (आध्यात्मिक) मान्यताओं को माने तो राजा बलि जिनके सम्मान में केरल में ओणम मनाया जाता है के शासन काम के धरती पर सूर्यास्त नहीं होता था. ऐसे में अगर कोई वैज्ञानिक ये कहे की सूर्यास्त न हो तो धरती का तापमान बढ़ जायेगा तो आप किसकी बात मानेंगे.

वैज्ञानिक शोध पर बात करते है जबकि इतिहास तो सार्वभौमिक सत्य है ऐसे में आप भले ही वैज्ञानिको की बात माने लेकिन तर्क वितर्क में जायेंगे तो आप भी इतिहास को मानने पर मजबूर होंगे. चंद्रोदय होने से वनस्पति जल्दी फलते फूलते है ये बात भी एक वैज्ञानिक तथ्य है पर अगर सूर्यास्त नहीं होता तो क्या ये फलीभूत नहीं होंगी?

इतिहास में लिखा है की राजा बलि के राज में बिना बोये ही खेतो में फलस उगती थी जो की आज एक चमत्कार से कम नहीं है. लेकिन ये भी एक सच है की आज भी धरती पर ऐसे स्थान है जंहा महीनो तक सूर्यास्त होता ही नहीं है ऐसे में वंहा का वातावरण कैसा होगा ये जानकार ही आप तय कर सकते है सच और झूठ का फर्क.


image sources : slidshare

आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन इसके आलावा कनाडा अलास्का और फ़िनलैंड ये सभी 6 ऐसे देश है जंहा पर अप्रैल से लेकर अगस्त के बिच में (कंही कम समय के लिए) कभी सूर्यास्त नहीं होता है और इसके बावजूद यंहा का तापमान 23 डिग्री से ऊपर कभी नहीं जाता है.

हालाँकि ठण्ड में यंहा का तापमान माइनस डिग्री में चला जाता है तो ऐसे में ये कहा जा सकता है की अगर सूर्य 24x7 तपता रहेगा तो भी धरती के तापमान में कोई गिरावट नहीं आएगी और नहीं लोगो के गुजर बसर के तरीके में ही. 

अब बिना बोये फसल उगने के पीछे भी अगर शोध करे तो देखेंगे की आज भी पिछली फसल के गिरे हुए धान के पौधे अपने आप बारिश होते ही फसल के मौसम में उग आते है. इससे साबित है की जो भारतीय इतिहास में लिखा है वो असम्भव नहीं है तो ये बात भी मान लेनी चाहिए की 3 अरब साल बाद फिर से ऐसे दिन आएंगे जब धरती पर सूर्यास्त नहीं होगा.

Share This Article:

facebook twitter google