Advertisement

रावण और कंस से भी भयंकर राक्षस हुए है पुराण वर्णित भारतीय इतिहास में, जाने उनकी ताकत

"दशहरा और कंस वध उत्सव से हम बुराई पर अच्छी का जित का जश्न मनाते है लेकिन उनसे भी भयंकर दानव हमारे इतिहास में हुए है जिनके बारे में पुराणों में लिखा है, जाने...."
Advertisement

image sources : pinterest

वैसे तो अपने रामायण और महाभारत में बहुत से असुर, दानव और राक्षस टीवी पर देखे और सुने होंगे लेकिन क्या आप जानते है की रावण और कंस से भी भयंकर राक्षस भारतीय इतिहास जो की पुराण में लिखा है में मौजूद थे. वैसे अगर आपको असुर दानव और राक्षसों के नाम से कुछ असमंजस है तो इसे हम दूर कर देते है.

कश्यप ऋषि की पत्नी दिति से जन्मे बच्चे और उनके वंशज दैत्य कहलाये, ऐसे ही दनु के पुत्र दानव कहलाये! समुद्र मंथन में  जो सुरा निकली थी उसे जिन्होंने अपनाया वो सुर और जिन्होंने नहीं अपनाया वो असुर कहलाने लगे, इन सभी को उपमा के तौर पर राक्षश की उपाधि भी दी जा सकती है (शायद दी गई).

रावण जन्म से ही दशग्रीव था और बड़ा काला और विकराल दीखता था ऐसे ही कुछ कुम्भकर्ण था वंही कंस भी अपने पूर्व जन्म में कालनेमि राक्षस था जो फिर विष्णु के हाथो मरने के लिए ही जन्मा था. आज जाने ऐसे और भी भयंकर राक्षशो और उनकी शक्तियों को जो आपको चौंका देंगे...


image sources :exoticindiaart

अपनी ही पत्नी के कोख से जन्म लेने वाला संसार का एकमात्र पति, राक्षस रम्भ का दूसरा जन्म था जिसका नाम रक्तबीज पड़ा. जो की रावण और कंस से भी भयानक दानव था, उसी के चलते देवो पर दैत्य भारी पड़ गए यंहा तक की त्रिदेवो को भी भाग कर छुपना पड़ा था.

उसकी विशेषता थी की उसके रक्त की जंहा बून्द गिरती वंही उसके समान एक और दानं उसके रक्त से प्रकट हो जाता था मतलब उसका रक्त ही उसका बीज था ऐसा उसे वरदान था. तब माँ काली प्रकट हुई और जैसे ही माँ दुर्गा रक्तबीज पर प्रहार करती वो उसकी रक्त की बूंदो को पी जाती थी.

ऐसे करते उसका जब समस्त रक्त समाप्त हो गया तो जाकर वो मारा गया अन्यथा वो अवध्य था.....उसी का पुत्र और भाई दोनों महिषासुर था जो की भी महिला के हाथो मारा जाना था और दुर्गा माँ ने उसका तब वध किया था....


image sources :youtube

ब्रह्मा से वरदान पा एक दानव जिसका नाम था अनलासुर था सम्पूर्ण लोकों में उत्पात मचाने लगा, वो अग्नि पर काबू पा चूका था और वरदान ये था की पहली कभी न हुआ इस तरीके से मारा जाऊं. जब तीनो लोको में हाहाकार हुआ तो भगवान गणेश को सबने आगे किया की आप ही उनकी मौत का रास्ता खोजो.

श्रीगणेश दुष्ट दानव से युद्ध करने गए और हर प्रकार से उसे मरने की कोशिश की, तब दानव गणेश को असमर्थ जान उनका उपहास उड़ने लगा. ऐसे में जब गणेश को कुछ न सुझा और अत्यंत क्रोध आया तो वो उस दानव को हाथो में उठा लिए और बेहद वृहद रूप धार लिए.

अपने मुख को बड़ा कर गणेश ने उस दानव अनलासुर को निगल लिया, सभी देव उनकी जय जय कर करने लगे...


image sources :youtube

नरसिंघ अवतार कितने भयावह थे ये आप ऊपर की झांकी से समझ सकते है लेकिन जिसे उन्होंने मारा वो कितने खतरनाक थे ये भी जाने. हिरण्याक्ष बड़ा था दोनों में जिसने पृथ्वी पर 1.7 करोड़ वर्षो तक शासन किया था जिसके बाद उसने पृथ्वी को ही जल में डुबो दिया था.

उसे वर था की कोई वराह ही उसका वध करे इसलिए उसने पृथ्वी को डुबोकर उसके जन्म की सम्भावना ही ख़त्म करनी चाही थी तब वराह अवतार ने उसका वध किया. वंही हिरण्यकषायु ने भी 40 लाख वर्षो तक राज किया था उसे भी तब वरदान के अनुरूप नरसिंघ ने मारा लेकिन उसके पहले उन्होंने अकेले उसकी पूरी सेना को भी निपटाया था.


image sources :wikipedia

भगवान् विष्णु जब योग निंद्रा में सोये थे तब उनके कान के मेल से दो दानव मधु और कैटभ जन्मे थे जो ब्रह्मा जी को मारने को दौड़े थे. तब भगवान् विष्णु ने उनके साथ युद्ध किया और युद्ध 5000 साल तक चलता रहा लेकिन दोनों को विष्णु परास्त न कर सकते थे.

तब मोहमाया ने उनकी बुद्धि भ्रमित की और दोनों ने विष्णु जी के पराक्रम पर प्रसन्न हो उन्हें वरदान मांगने के लिए कहा, मेरे हाथो मारे जाओ ये वरदान माँगा विष्णु ने तो उन्होंने एक शर्त पर दिया की उस स्थान पर मारो जंहा पृथ्वी जल मग्न न हो! प्रलय में तो पृथ्वी जलमंग ही होती है ऐसे में उनका मरना असंभव था.

तब शेषशायी भगवान् ने अपनी जांघो पर उनका सर रख उनका वध किया था, थे न सभी भयंकर?
Advertisement

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Bollywood movie male rape बॉलीवुड फिल्मो में पुरुष बलात्कार को भी सामान्य बात दिखाया जाना कितना सही?

बॉलीवुड फिल्मो में गे (वेस्टर्न) संस्कृति को भी कॉमेडी के रूप में दिखा दिया और उसे सामान्य बताया ऐसे ही बलात्कार (पुरुष) को भी अब स्वीकार्य करवा रहा है ये तपका

7 cities of moksha in india जाने, 7 पुरियो की भूमि में ऐसा क्या है जो यंहा मरने वाले को मिलता है मोक्ष?

क!शी, अयोध्या, मधुरा, हरिद्वार, कांचीपुरम, अवंतिका (उज्जैन) और द्वारका ये सप्तपुरिया यानि सात नगर कहे गए है! प्राचीन भारत में ये मान्यता रही थी की इन सात नगरों

Bollywood actress compromise & success उत्पीड़न के आरोप लगाकर पलटने वाली अभिनेत्रियों ने सफलता में छुए नए आयाम, लेकिन

मी टू में भाग लेने वाली ज्यादातर अभिनेत्रियां वो ही थी जो की अब आउट ऑफ़ दी वर्क हो चुकी है बाकि ने बताई भी तो बॉलीवुड के अलावा सच्चाई ये है सफलता का मन्त्र???

Know secret of sridevi's life in boni kapoor बोनी ने करानी चाही थी अर्जुन से श्रीदेवी की दोस्ती, हुआ ऐसा काण्ड के....

एक पत्नी को बिना कारण छोड़े बिना दूसरी पत्नी को घर ले आना और उसके बाद दूसरी पत्नी से पहली पत्नी को स्वीकार करने को कहना कितना मुश्किल काम होगा, जाने श्रीदेवी की

Girnar mountain in revatak piece of vaikuntha धरती पर वैकुण्ठ का 100 कोस का टुकड़ा है ये क्षेत्र, जाने श्री कृष्ण का अद्भुद संसार

शिव की काशी प्रलय में भी नष्ट नहीं होती है ऐसे ही वृन्दावन का 84 कोस क्षेत्र भी नष्ट नहीं होता है जो की गोलोक का टुकड़ा है ऐसे लेकिन एक स्थान वैकुण्ठ का भी टुकड़ा

Yalgaar d company treat changed juhi chawla जूही चावला की जगह अंतिम क्षणों में बदला गया नग़मा को, जाने महा सीक्रेट कारण

धर्मेंद्र समेत कैयो ने छोड़ी तो अमिताभ को मिली थी ज़ंजीर लेकिन जब अंतिम क्षणों में तय की गई स्टारकास्ट को बदल दिया जाए तो इसका सख्त कारण होना चाहिए जाने रहस्य????