Advertisement

वाराणसी के इस घाट पर भगवान् विष्णु ने की थी तपस्या, जाने यंहा पिंडदान का महात्यम

"वरुणा और असि नदी इसी दो और से रक्षा करती है इसलिए शिव नगरी को वाराणसी कहते है ऐसे ही हर घाट की घटना से पड़ा है नाम लेकिन मणिकर्णिका का माहात्म्य वर्णन नहीं किया"
Advertisement

image sources :pinterest

हमारे शाश्त्र जो की हमारा इतिहास है उनके हर अंक में वरुणा+असि नदी जिसकी रक्षा करती है उस नगर वाराणसी (बनारस और काशी भी) के बारे में बताते है की ये प्रलय में भी नष्ट नहीं होती है. आपको जानकार आश्चर्य होगा की पूरी दुनिया काशी को सबसे पुराना शहर मानती है, भले ही 5000 पुराना ही मानो पर मानती है.

काशी में वो ही जा सकता है जिसे शिव जी बुलाये या आज्ञा दे अन्यथा नहीं जा सकता कोई, जिस में प्राण छोड़ने वाले के कानो में स्वयं शिव मुक्ति का मन्त्र देते है ऐसी नगरी है काशी. काशी के कण कण में शिव का वास है और इसे अविमुक्त क्षेत्र भी कहते है क्योंकि शिव जी कभी भी इसका त्याग नहीं करते है.

आनंदवन के नाम से सबसे पहले जाना जाता था ये नगर जिसके इतिहास और महत्त्व का वर्णन नहीं किया जा सकता है. फिर भी इसमें मौजूद सबसे प्रमुख मणिकर्णिका घाट के बारे में आप कितना जानते है? इस घाट का नामकरण कैसे हुआ ये भी नहीं जानते होंगे आप.

जाने हमसे थोड़ा इसके बारे में....


image sources :youtube

आदि काल की बात है जब इस घाट पर भगवान् विष्णु ने शिव जी की तपस्या की थी, उस समय तक गंगा धरती पर अवतरित भी नहीं हुई थी. तब भगवान् विष्णु ने अपने पैर की ठोकर से एक गद्दा बना दिया जो की तपस्या करने वाले विष्णु जी के पसीने से भर गया था.

तब शिव प्रकट हुए और उन्हें सुदर्शन चक्र दिया था, तब वंहा आये शिव जी के कान का कुण्डल गिर गया था जिसे संस्कृति में मणि कर्णिका मतलब कान का कुण्डल कहते है इसी पर उस घाट का नाम मणिकर्णिका पड़ा है. बाद में भगवान् विष्णु के पसीने से बने उस सरोवर में गंगा भी मिल गई.

इस संयोग से ये घात अति पवित्र बन गया हालाँकि यंहा शमशान बना दिया गया लेकिन हमारे हिसाब से ये स्थान पिंड दान आदि के लिए बेहद उत्तम और सर्वोत्तम है. हमारे अनुसार शमशान को थोड़ा पास ही अन्यंत्र किया जाना चाहिए और इस घात पर पिंडदान आदि का विधान ही होना चाहिए ताकि ये शुद्ध और स्वस्थ रहे....जय श्री राम 
Advertisement

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Lord krishna meet god vishnu in vaikuntha जाने, श्री कृष्ण को जब भगवान् विष्णु ने बुलाया था अर्जुन समेत वैकुण्ठ में....

भगवान विष्णु के अनेकोनेक अवतार हुए है और धरती पर उनके ही अवतारों के आमने सामने आने और वार्ता के कई प्रसंग है लेकिन क्या आप ने कभी सुना है की कोई अवतार वैकुण्ठ..

Bollywood actress top ugly moments बॉलीवुड एक्ट्रेस के कुछ सबसे भद्दे मोमेंट्स कैमरे में हुए कैद, ट्रोलर्स की हुई थी चांदी

बॉलीवुड एक्ट्रेस की गलतिया तो बहुत देखि समझी होगी लेकिन जब वो किसी ऐसे पल में कैद हो गई हो जो की ट्रोलर्स के लिए मौका रहा ता देखे ऐसे ही कुछ वीभत्स पलो को....

Know what is the principle of teacher to teach secret education to his pupil चेला लायक हो तभी गुरु को देनी चाहिए गुप्त शिक्षा, द्रौणाचार्य की आलोचना गलत है....

गुरु का भारतीय इतिहास में कितना महत्त्व है ये इस बात से ही जाने की खुद राम कृष्ण को भी गुरु की आवश्यकता पड़ी थी ज्ञान प्राप्ति के लिए, लेकिन अगर आप द्रोण से वैर

Rajnikanth love story & others too Love Story : इंटरव्यू लेने आई पत्रकार से हो गया था पहली नजर में प्यार, लेकिन संस्कार

हिंदी फिल्मो में आपने अलग अगल रंग की फ़िल्मी कहानिया देखि होगी लेकिन क्या सुपर स्टार्स की रियल लव स्टोरीज आपको पता है? जाने रजनी समेत कई स्टार्स की प्रेम गाथाये.

bollywood villains amazing facts short know माँ सीता के रोल से की थी प्राण ने अपने एक्टिंग की शुरुवात, जाने ऐसे ही खलनायको के फैक्ट्स

जैसे भूत न हो तो भगवान् का किसी को डर नहीं होता वैसे ही अगर फिल्मो में खलनायक न हो तो हीरो का भी रुतबा नहीं बनता है, जाने बॉलीवुड के खलनायको के चौकाने वाले फैक्

Lord shiva or vishnu who is supreme? अगर भगवान् शिव और विष्णु में से एक में है कट्टर आस्था, तो मोक्ष के लिए ये भी करे..

कलियुग में, भगवान् शिव के भक्तो के समुदाय को शैव या स्मार्त कहा जाता है तो भगवान् विष्णु के भक्तो के समुदाय को वैष्णव! लेकिन अगर आपकी दोनों में से एक में ही....