Advertisement

मौत से पहले गाँधी जी "मुसलमानो को मुझे मारने से कोई फायदा नहीं होगा, कोई हिन्दू मुझे मार सकता है"

"स्कूलों और विश्वविद्यालयों में वो इतिहास पढ़ाया ही नहीं गया जो की हर भारतीय को आज जानना जरुरी था 1941 से 52 के बिच का घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण था लेकिन वो गायब.."
Advertisement

image sources : wordpress

30 जनवरी 1948 के दिन सुबह गाँधी जी की हत्या हो गई थी, गोली चलाने वाला नाथूराम गोडसे उन्हें मार कर वंही शांति से खड़ा रहा और बाद में उसे और उसके एक साथी आप्टे को फांसी पर चढ़ा दिया गया. हालाँकि गाँधी जी का परिवार चाहता था की ऐसा न हो उसे उम्रकैद हो लेकिन नेहरू जी ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उन्हें फांसी अपर ही चढ़वा दिया.

नाथूराम कौन था उसका क्या बैकग्राउंड था हत्या के पीछे किसका हाथ था इसकी जाँच भी हुई कुछ हासिल नहीं हुआ और चर्चाये आज भी होती रहती है लेकिन अगर आपको अपनी निजी राय बनानी है तो आपको उस समय के घटनाक्रम को समझना होगा जिसके लिए तथ्य हम दे रहे है.

अपनी हत्या होने का आभास गाँधी जी को पहले से था और वो उनदिनों रोज इस तरह की बातें अपने करीबियों को बताया या कहा करते थे. साथ ही नाथूराम ने अपनी फांसी से पहले और सुनवाई के दौरान हत्या के पीछे का कारण भी बताया उसे ही जानले क्योंकि सभी जानकारियों चौंकाने वाली है.

Next Slide में पढ़ें : मुसलमानो को मुझे मारने से कुछ नहीं मिलेगा कोई हिन्दू....
Advertisement
Previous 1 2 3 4 5 Next  

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Bollywood stars fake breakup reasons स्टार्स जिन्होंने निजी स्वार्थो के लिए किये ब्रेकअप, खुद को सही साबित करने के लिए बनाये गंदे बहाने

प्यार की कहानियो के नाम पर बॉलीवुड का धंधा चलता है लेकिन असल में इस इंडस्ट्री में प्यार कंही नहीं दीखता है, निजी स्वार्थ के लिए प्रेम सम्बन्ध तोड़े जाते है और...

Why salman khan slapped subhash ghai जाने क्या हुआ जब प्रेमी सलमान के जरिये घई ने ऐश को बुलाया था बंगले पर?

सुभाष घई और ऐश्वर्या के बिच ताल फिल्म में कास्टिंग के लिए क्या हुआ था इसके बारे में शक्ति कपूर ने कुछ खुलासा किया था लेकिन क्या आप जानते है उन्होंने सलमान के...

Story of saint dinbandhu of ujjain city घर में पड़ी थी जवान बेटे की लाश, फिर भी अतिथि को दिया सम्मान तो हुआ चमत्कार....

अतिथि देवो भवः यानी बिना किसी (घर में) समारोह औचक ही कोई अनजान राहगीर व्यक्ति आपका अतिथि बन जाए तो उसकी भगवान् की तरह पूरी आव भगत करो! पहले लोग पैदल यात्रा ही..

Raveena was na jodi breaker of her time जोड़ी ब्रेकर थी रवीना, अपनी एक्ट्रेस दोस्त के बॉयफ्रेंड के साथ ही कर दिया अफेयर शुरू

मस्त मस्त गर्ल रवीना टंडन अब भी एक्टिंग में एक्टिव है और सोलेली रोल्स कर रही है वो चार बच्चो की माँ भी है लेकिन जब वो फूल एक्टिव थी तब जोड़ी ब्रेकर उस्ताद हुआ...

Firoz khan brother akbar & ex wife fight पत्नी बच्चो को छोड़ किसी और औरत के साथ रहने लगे थे फ़िरोज़, छोटे भाई ने भाभी....

अफगानी मूल के शरणार्थी पठान मुस्लिम परिवार में बंगलौर शहर में फ़िरोज़ खान और संजय खान का जन्म हुआ था, फ़िरोज़ कान्वेंट स्कूल में पढाई के बाद मुंबई आ गए. लेकिन मिज़ाज़

Bilva mangal saint full story वैश्याओ का दीवाना था ये भक्त, भक्ति जागी तो फोड़ ली अपनी ही आँखें....

एक दिन भगवान कृष्ण ग्वाले के रूप में आये और उससे बोले की मैं तुम्हारे लिए मिठाई और पानी लाया हूँ इसे खालो, अपने परिचय पूछे जाने पर कृष्ण ने कहा की में एक ग्वाला