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राधा कृष्ण : टीवी पर प्रसारित पहले ही एपिसोड में गलत दिखाई गोलोक की राधे कृष्ण की कहानी....

"राधे कृष्ण की प्रेम कहानी को शब्दों और टीवी सेरिअल्स में व्यक्त नहीं किया जा सकता है प्रयास भले ही करे लेकिन जब पहले ही एपिसोड में इतनी तोड़ी मरोड़ी जाए कहानी तो"
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image sources : youtube

भारतीय कितने सहनशील और सहिष्णु है इसका सबसे जीता जागता उदाहरण है की टीवी पर सनातन धर्म पर लगातार सीरीज बनती ही रहती है जिसमे तथ्यों को तोड़मरोड़ कर अपने हिसाब से फिट कर दिया जाता है ताकि TRP और कोई एजेंडा सेट किया जा सके.

बाकि धर्मो के बारे में या तो बनते ही नहीं है या प्रतिबंधित हो जाते है या फिर पूरी सावधानी से उन धर्म गुरुओ से पूछकर ही बनाये जाते है. कई रामायणो में रावण को हीरो पेश किया गया तो कई महाभारतो में (टीवी पर प्रसारित) कर्ण और दुर्योधन जैसे को भी हीरो बना दिया.

अब राधा कृष्ण के पवित्र रिश्ते पर स्टार भारत पर एक टीवी शो बना है जिसमे शुरुवाती एपिसोड में ही पूरी कहानी का ही उलट कर दिया है. सीरियल की कहानी हालाँकि गोलोक से शुरू होती है जो की कृष्णावतार का उद्गम है लेकिन पहले एपिसोड से ही तथ्यों को उलट पलट कर दिया गया है..

जाने क्या किया परिवर्तन और कैसे तोड़ा तथ्यों को...


image sources : amitray

असल में जो लोक की स्तिथि वैकुण्ठ से भी ऊपर है जो कभी भगवान् शिव की गौशाला हुआ करती थी वंहा अब भगवान् विष्णु गोपाल (कृष्ण) रूप में तो लक्ष्मी राधा रूप में विराजमान है जो की अनादि काल से है. कृष्णावतार से पहले राधा की अनुपस्तिथि में विरजा नाम की गोपी कृष्ण के समीप बैठ हास्य विनोद कर रही थी.

उसे देख राधा (होनहार के उदेश्य से) कुपित हो गई और उन्होंने विरजा को नदी रूप होने का श्राप दे दिया था, तब श्रीदाम नाम के गोप ने उसका पक्ष लिया तब राधा ने उन्हें भी पृथ्वी पर दरिद्र ब्राह्मण होने का श्राप दे दिया था. तब श्रीदाम भी क्रोधित हो गए और उन्होंने भी राधा को श्री कृष्ण से 100 वर्षो का वियोग होने का श्राप राधा को दे दिया था.

इन्ही श्रापो के चलते कृष्ण को धरती पर अवतार लेना पड़ा था....लेकिन टीवी सीरियल में उलट दिया पुरे इतिहास को ही...


image sources : mahaprabhu

स्टार भारत के "राधा कृष्ण" सीरियल में दिखाया गया है की श्रीदामा ने घमंड में आकर गलत फेहमी में राधा को श्राप दे दिया की वो 100 वर्षो तक राधा को भूल जायेगी. इतने पर ही नहीं राधा के जन्म को भी उन्होंने अलग रूप दे दिया है, वंही बाल कृष्ण के बालो को तो इतना बड़ा दिखाया गया है की पूछिए ही मत.

यमुना पार करते हुए तुरंत जन्मे कृष्ण के करवट लेने बैठ जाने तक की बाते विस्मित करने वाली है, इसके आलावा सोलह साल में रासलीला का वृत्तांत दिखाने का प्रोमो प्रसारित हो रहा है जबकि 11 साल की उम्र में कृष्ण मथुरा चले गए थे और 111 साल की उम्र में लौटे थे.

दोनों एक दूसरे को भूले नहीं थे बल्कि दोनों को विरह में रहना पड़ा था, पता नहीं और क्या क्या उत्पात मचाएंगे ये सेक्युलर...

story sources : brahmavaivartpuran
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