लाल कपड़ो को समझते है सुहाग की निशानी तो हो जाइये सावधानी, शाश्त्रो के अनुसार ये है वर्जित...

"लाल सुहाग का रंग है हर विवाहिता को इसे पहनना चाहिए आदि आदि बाते आप हम आज तक सुनते आये लेकिन अब एक और नई बात सामने आई है जो की आपकी मानसिकता को बदल देगी और आप..."

image sources :google

जंहा भारतीय नारी (पत्नी) की बात आती है वंहा सबसे पहले लाल साड़ी ही याद आती है भारतीय लाल रंग को सुहाग की निशानी मानते है इसलिए चुडिया हो या फिर मांग सभी लाल रंग के ही पहने जाते है. माँ दुर्गा को भी ला चुनार ही चढ़ाई जाती है जो की सुहाग की लम्बी उम्र के लिए होता है.

कभी कोई धार्मिक उत्सव या पूजा हो तो सभी औरते लाल ही पहनती है और सभी अपने अपने तरह से सुहागिन दिखती है लेकिन अगर आप जानेंगे के शाश्त्रो के हिसाब से लाल रंग पहनना ही वर्जित है तो आप क्या कहेंगे. आपको अगर लगता है के ये गलत बात है तो गरुण पुराण जरूर पढ़े.

शाश्त्रो के कुछ ऐसे नियम है जिसमे हम मानते तो है लेकिन पूरी तरह से जानते नहीं बस उनका पालन करते है लेकिन असल में वो सभी नियम समझने के लिए हमें शाश्त्रो का अध्ययन करना पड़ेगा जो आज कोई कर नहीं रहा है. रेड न्यूज़ आपके लिए शॉर्लिस्ट कर के लाया है कुछ ऐसे ही कायदे कानून जो शाश्त्रो में वर्जित है लेकिन हम कर रहे है.

जानकर जान ले ताकि कर सके भूल सुधार 


image sources :latestly

धार्मिक तब सीरियल भी अगर आपने देखें होंगे तो गौर किया होगा की शनि और यमराज के आलावा कोई भी काले कपड़े नहीं पहनता है. असल में काले कपड़े पहनना भी शाश्त्रो में वर्जित बताया गया है मान्यता है की इसके चलते उम्र कम होती है और अकाल मृत्यु की सम्भावना बढ़ती है, किसी की उम्र लम्बी हुई ये सोच कर आप न पहने.

ऐसे ही लाल कपड़ो को सुहाग की निशानी तो बताया गया है लेकिन असल में लाल कपड़े भी स्त्री पुरुष दोनों के लिए ही पहनना वर्जित है. सिर्फ और सिर्फ धार्मिक आयोजनों में महिलाओ द्वारा लाल वस्त्र पहने जा सकते है अन्यथा नहीं क्योंकि लाल रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और महिलाओ पर उनका सबसे ज्यादा प्रभाव होता है.


image sources :youtube

खुले बाल भी रजस्वला होने के दौरान के आलावा रखना सही नहीं है ये भी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते है रात में सोते समय या असमय (दोपहर बारह बजे या शाम को संध्या के समय) भी खुले बालो से बाहर न निकले. भैरव का प्रसाद भी महिलाये विशेष रूप से न खाये ये उनके तमोगुण को बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा के आक्रमण को खुला निमंत्रण है.

मर्दो के लिए सफ़ेद वस्त्र धारण करना सर्वश्रेष्ठ है तो महिलाओ के लिए भगवा वस्त्र सर्वश्रेष्ठ है जिससे दोनों सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र बन जाते है न की आकर्षण. आशा है बात समझ आई होगी और आप इन सब बातों को गंभीरता से लेकर पालन करने का प्रयास करेंगे.

story sources : garudpuran

Share This Article:

facebook twitter google