इस शहर में पत्नियों के करवा चौथ करने पर लगा है प्रतिबन्ध, जाने कारण भी...

"करवा चौथ व्रत/पर्व के दिन महिलाये अपने पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास रखती है और दिन भर भूकी रह के चाँद उगने के बाद अपने पति को देख पानी पि के अपना व्रत पूरा..."

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स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से बचाने के लिए हर साल में आने वाली 4 बड़ी चौथ (चौमासे की) करती है जिसमे से मीडिया और फिल्मो में सिर्फ कार्तिक की चौथ को करवा चौथ के अनुसार प्रसिद्धि मिली है. मान्यता है की इस व्रत को करने से उनके पति पर आने वाले संकट टल जाते है.

हर साल करोडो महिलाये पुरे भारत में ये व्रत करती है और उत्स्व होता है लेकिन एक ऐसा भी शहर है जंहा पर महिलाओ के करवा चौथ करने पर प्रतिबन्ध लगा है. आप भी सुन कर चौंक गए होंगे की भारत जैसे देश में ये तालिबानी फरमान कैसे लग सकता है...

मथुरा जिले में स्तिथि सुरीर गाँव ही वो स्थान है जंहा करवा चौथ करने पर प्रतिबन्ध है जो की क़ानूनी नहीं है बल्कि सामाजिक मान्यताओं से जुड़ा है. एक नयी ब्याहता महिला विवाह के बाद अपने ससुराल पहुंची और करवा चौथ की तैयारी कर चुकी थी तब सास ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया.

कारण जानकार वो हैरान रह गई....


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12000 की आबादी वाला ये क़स्बा 300 साल पहली घटी हुई एक घटनाके चलते ऐसा नहीं करता है, हालाँकि ये घटना कम ही लोग जाते है. गांव की एक वृद्धा बताती है की सदियों पहले एक महिला ने अपने पति के लिए व्रत रखा था जो की उसके साथ उस दिन मंदिर जा रहा था.

तब जानवर चोरी के आरोप में दबंगो ने उसे पत्नी की आँखों के सामने ही मार दिया, पत्नी सदमे में थी और पति के अंतिम संस्कार में उसकी ही चिता में कूदकर उसने आत्महत्या कर ली. चिता पर जाते जाते उसने श्राप दिया की जो महिला करवा चौथ करेगी उसका पति मर जायेगा.

बस ये ही कारण है और इसी के चलते इस गाँव की महिलाये नहीं करती है ये व्रत...

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