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असल में रावण के सगे दादा द्वारा भेजा गया सन्देश ही कहा था विभीषण ने, बदले में पड़ी लाते ..

"जब सागर तट पर राम जी की सेना आ गई तो गुप्तचरों ने जाकर रावण को सुचना दी ऐसे में विभीषण अपने भाई के पास गए और उन्हें ज्ञानपूर्वक बातें कही जिससर रावण भड़क गया...."
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image sources: quara

हनुमान जी ने वापस लौट कर सीता जी की सुधि दी और तुरंत ही सेना ने लंका की तरफ कुछ कर लिया, रामेश्वरम में सागर तट पहुँच कर सेना ने अपना शिविर लगाया तो वंहा मौजूद रावण के गुप्तचरों ने दरबार में सुचना दी. 
"निज निज गृह सब करीबी विचार आवहि सम्पद सिंधु ही पारा, जासु दूत बल बरनी न जाए तेहि आये पुर कवन भलाही!"

अर्थात लंकावासी अपने अपने घर में विचार करने लगे की राम जी की सेना समुद्र तट पर आ पहुंची है, जिनके दूत हनुमान के बल का भी अभी अनुमान नहीं है उनकी पूरी सेना आएगी तो लंका वासियो के कुल की रक्षा कैसे संभव होगी.

ऐसे ही मंदोदरी ने भी रावण को समझाया लेकिन विनाश काळा विपरीत बुद्धि के चलते वो नहीं समझा तब विभीषण दरबार में आया और उसने भी रावण को समझाने का प्रयास किया. माल्यवंत नाम के मंत्री ने भी ऐसा ही किया लेकिन उसे तो रावण ने दांत कर भगा दिया दरबार से.

लेकिन विशिक्षण तब भी चुप नहीं हुआ और उसने वो बात कही जो रावण के दादा ने कहलवा भेजी थी...


image sources: haribhakti

"तात राम नहीं नर भूपाला, भुवनेश्वर काल्हु कर काला! देहु नाथ प्रभु कहु वैदेही, भजहु राम बिन हेतु सनेही!!
जासु नाम त्रय ताप नशावन, सोइ प्रभु प्रकटे समझ जिय रावण! बार बार पद लागहु विनय करहु देशशीश...!!"

विभीषण ने कहा की है भाई, राम को साधारण राजकुमार नहीं बल्कि त्रिलोक पति भगवान् विष्णु स्वयं ही प्रकट हुए है. सीता को देकर राम जिकी शरण लीजिए. जिनके नाम के स्मरण मात्र से ही मोक्ष मिल जाता है उनसे बैर मत कीजिये, बार बार आपके पकड़ कर आपसे विनती करता हूँ कृपया राम की शरण में चलिए.

तब भी रावण नहीं माना और गुस्से में आकर उसने अपने छोटे भाई को ही लातो से मारना आरम्भ कर दिया था, जबकि ये सारे वचन विभीषण के नहीं बल्कि रावण के दादा के थे. 

"मुनि पुलस्ति निज शिष्य सन, कही पैठि ये बात तुरत सो में प्रभु सन कही पाई सुवसरु तात" अर्थात रावण के दादा पुलस्त्य जी ने अपने शिष्य को भेज कर वो सन्देश भिजवाया था जिसे विभीषण ने दरबार में पड़ा था तब पर भी अहंकारी रावण ने वो सुझाव नहीं माना और अनंत राम जी के हाथो से मारा गया था.
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