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यंहा जिन्दा पति को दफना कर पत्नी बनती है विधवा, शवयात्रा में शराब पीकर लोग बजाते है ताली

"जिंदा आदमी को दफन कर दिया जाता है और इसके बाद खूब धूम-धाम से जश्न भी मनाया जाता है। साथ ही सफेद बालों वाली एक महिला उसकी विधवा बनती है क्यूबा में बूजी........."
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दुनिया में लोग मौत के साथ अलग अलग तरह के एक्सपेरीमेंट करते है, भारत में जंहा जीवित श्राद्ध का कर्म किया जाता है जो की व्यक्ति अपने जीते जी अपनी अंत्येष्टि कर के करता है वैसे ही दुनिया भर में मौत के बाद भी ऐसी ही कई परम्पराओ का निर्वाह होता है.

ऐसी ही एक अजीब परम्परा क्यूबा में की जाती है जिसे बुजी फेस्टिवल कहते है, इसके अंतर्गत किसी व्यक्ति को जिन्दा ही दफ़न किया जाता है और उसकी पत्नी विधवा बनके वो सब काम करती यही जो की किसी व्यक्ति की मौत के बाद पत्नी को करना पड़ता है.

इस दौरान जनामे में शामिल लोग जम के दारू पीते है और जोर जोर से तालिया बजा बजा के विधवा का हौसला बढ़ाते है, हो सकता है आपके दिमाग में ये बात समझ नहीं आई हो की आखिर क्या तर्क है इस तरह के फेस्टिवल का क्यों किया जाता है ये सब और जब जनमा निकल रहा है तो शराब क्यों?

जाने क्यूबा के बूझि फेस्टिवल के पीछे की वजह को, क्यों जिन्दा व्यक्ति को दफना कर निकाली जाती है उसकी शव यात्रा?


image sources: dailymail

इस परंपरा में एक खुले ताबूत में एक जिन्दा व्यक्ति को रखा जाता है और उसके साथ वो ही सब किया जाता है जो की मृत के साथ किया जाता है. फिर लोग उस ताबूत को उठा कर शमशान की तरफ ले जाते है जंहा एक 6 फ़ीट गहरे खड़े में उस शक्श को रस्सियों से निचे उतार दिया जाता है.


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इस दौरान जिन्दा व्यक्ति कोफीन से सर निकाले रखता है और लोग उसे भी शराब पिलाते है, आखिर में वो शक्श जनाजे से बाहर निकल जाता है और लोग इस मौके पर और भी खुश होते है. लेकिन आखिर क्या मकसद होता है इस फेस्टिवल का ये जान आप भी होंगे आनंदित.


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दरअसल किसी मृतक की पत्नी को जो की उसकी बेवा है उस हादसे से उबारने के लिए किसी और पुरुष को मृतक का किरदार  निभाना पड़ता है. अंत में मृतक उठ बैठता है और इस फेस्टिवल से मृतक के परिजनों को ये ढांढस bandhaya जाता है की रोने विलाप करने की कोई आवश्यकता है है.

मौत एक साधारण सत्य ही और मौत के बाद उस व्यक्ति का पुनर्जन्म हो गया होगा और वो अपनी दुनिया में अब खुश है और आप भी रहो. ये फेस्टिवल काफी लोकप्रिय है और साल में एक बार ही मनाया जाता है जिसे मृतक के घरवाले ही प्रायोजित करते है... है न अजीब लेकिन मस्त.

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