Advertisement

सीता जी की सगी बहिन ही थी तुलसी, राक्षस से विवाह के बाद बन गई वृक्ष

"सुनकर शायद आश्चर्य हो लेकिन हक़ीक़त ये ही है, जनक जी का असली नाम जनक नहीं बल्कि शीरध्वज था और उनके भाई का नाम धर्मध्वज दोनों निसंतान थे! सूर्य द्वारा श्रापित था.."
Advertisement
अगर आप सोचते है की सीता जी के पिता का नाम राजा जनक है तो ये आप की भूल है, जैसे इक्ष्वाकु कुल के राजा रघु के नाम से श्रीराम रघुवीर या रघुनन्दन कहलाते है वैसे ही जनक जी के परिवार पे पैदा हुए हर राजा ने अपना नाम जन्म ही रखा था हालाँकि उनका असली नाम कुछ और ही था.

सीता जी के पिता राजा जनक का असली नाम सीरध्वज था जबकि उनके छोटे सगे भाई का नाम कुश ध्वज दोनों की ही दो दो बेटिया थी जिनका नाम सीता-उर्मिला और मांडवी, श्रुतकीर्ति था जो की दशरथ जी के चारो पुत्रो को ब्याही गई थी. अब आप सोच रहे होंगे की तुलसी कहा गई तो जाने उस बाद की भी सच्चाई...

अपने पहले भी वेदवती का आख्यान सुन रखा होगा जो की पहले जनक यानि की सिद्ध ध्वजा की बेटी थी उन्ही की एक और बेटी थी जिसका नाम तुलसी था. अर्थात वेदवती और तुलसी ये दोनों ही राजा जनक की बेटिया था हालाँकि ऐसा नहीं है की ये आसानी से पुत्री रूप में मिल गई थी इसके पीछे की कहानी जान कर ही आगे की कहानी समझ में आएगी.

राजा जनक के वंश की शुरुवात हुई थी राजा वृषध्वज से जो की शिव के भक्त थे, शिवजी उन्हें अपने पुत्र के समान मानते थे और उनके ही घर (महल में) महीनो रहते थे ....


image sources: nationalviews

लेकिन वृषध्वज को तब घमंड हो गया और वो तब अन्य देवो की अवहेलना और उनके पूजन में विघ्न डालने लगे तब सूर्य देव ने उनके कुल को श्री हिन् होने का श्राप दे दिया था. इस श्राप के प्रभाव से वृषध्वज के वंशज दरिद्र और संतान हिन् होने लगे थे और तब राजा जनक ने पुरुषार्थ दिखाया.

राजा जनक ने घोर तपस्या कर माता लक्ष्मी को अपने यंहा पुत्री रूप में पैदा होने का वरदान पाया और वेदवती के जनक के साथ ही उनके वंश का अभिशाप मिट गया. तब लक्ष्मी जी के है रूप में वेदवती जन्मी और लक्ष्मी जी के अंशभूत देवी तुलसी भी जन्मी, वेदवती का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि जन्म लेते ही वो वेद मंत्रो का उच्चारण करने लगी थी.

जन्म के साथ ही वो उठ कर खड़ी हो गई और तुरंत ही भगवान् विष्णु को तपस्या से पति रूप में पाने के लिए निकल गई, जबकि तुलसी भी भगवान् विष्णु को पति रूप में पाने के लिए निकल गई. 




image sources: quara

तब तुलसी और वेदवती को ब्रह्मा जी ने दर्शन दिए दोनों को ही अगले जन्म में विष्णु जी को पति रूप में मिलने का वरदान दिया, वेदवती ने रावण से बचने के लिए देह त्याग दी और जमीं से सीता रूप में जनक जी घर वापस पहुंच गई. वंही तुलसी का विवाह शंखचूड़ से हुआ जो की एक असुर था और श्रापित गोलोक का गोप था.

शंकचूड़ के वध के बाद देह त्याग के पश्चात् तुलसी ने पौधे के रूप में अवतरण किया और शालिग्राम रूपी विष्णु से विवाह कर सदा सर्वदा के लिए उन्ही की अर्धांगिनी हो गई. तुलसी की देह गंडकी नदी में अवतरित हो गई और उसी के पत्थरो को करोडो कीड़े काट काट कर शालिग्राम बना देते है दोनों की तुलसी श्याम रूप में घर घर पूजा होती है.

story sources: brahmavaivart Puran
Advertisement

Share This Article:

facebook twitter google
Related Content
Amazing theory behind modern science based on india नालंदा से शोध की किताबे ले गए थे विदेश यात्री उसके बाद ही हुए सभी यूरोपीय अविष्कार!

अब्दुल कलाम की सलाह कर बिहार की नालंदा यूनिवर्सिटी को फिर से शुरू किया गया है लेकिन जब ये हक़ीक़त में थी तब इसमें दुनियाभर के विधार्थी पढ़ने आते थे लेकिन मुघलो ने

Renuka shahane share her me too moment जब होटल के अकेली कमरे में सलमान की भाभी के सामने फेन करने लगा गन्दी हरकत....

अभी मि टू अभियान जारी है जिसमे बॉलीवुड के मर्दो की लगी पड़ी है इसी दरमियान सलमान की रील भाभी ने किया ऐसा खुलासा जिसे जानकार हर कोई हैरान हो गया है. जाने क्यों???

Protima bedi famous story to make biopic जायज हूँ या नाजायज इसी सोच में बेटे ने कर ली आत्महत्या, दर्जनों अफेयर के बाद गई कैलाश तो भूस्खलन

हालही में राहुल गाँधी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तो स्वामी ने कहा की वो जिन्दा नहीं लौटेंगे लेकिन लौट आये एक मॉडल कुछ सालो पहले गई थी तो भूस्खलन में मारी गई...

Lord krishna & gopika's love story गोपियों और श्रीकृष्ण के प्रेम को समझना है तो पढ़े उम्र और घटनाक्रम के तथ्यों को....

हालही में एक नेता ने श्री कृष्ण द्वारा गोपियों के छेड़ने की बात कह कर बवाल खड़ा किया था क्योंकि उन्हें भी कृष्ण कथा के बारे में कुछ मालूम नहीं है. जब रास लीला हुई

Arul govil waited long for works in movie जब टीवी के पहले "राम" अरुण गोविल ने मज़बूरी में दशकों बाद तोड़ी थी सभी मर्यादाये.....

रामकथा भारत की आत्मा है और जब आत्मा का साक्षात्कार का आभास हो तो कोई भारतीय कैसे उससे अछूता रह सकता है. कहानी के पात्रो के चेहरे पर आज भी वो तेज है जिससे ये....

Some amazing facts about movie ahsaas 1979 शोले बनाने वाले रमेश सिप्पी के पिता ने अस्सी के दशक में बनाई थी ऐसी फिल्म, तोड़ दी सभी...

हालाँकि राजकपूर और मनोज कुमार जैसे फिल्ममेकर्स पर ही एक्सपोजर के आरोप लगे थे लेकिन उनके आलावा और भी दिग्गज इस हथियार को इस्तेमाल कर रहे थे फिल्म की सफलता के लिए