पत्नियों के द्वारा सताये गए पतियों के लिए यंहा खुल गया है "पत्नी पीड़ित" आश्रम....

"वो समय और था जब महिलाये पति से खौफ्फ़ कहती थी, ताजा सर्वे में अब पति या तो साधु हो रहे है या फिर धर्म परिवर्तन करके अपने प्राण बचा रहे है! जाने पति आश्रम का कारण"
औरत को बचना हर पुरुष का धर्म है चाहे वो पराई औरत ही क्यों न हो, आज कल आप टीवी पर और सोशल मीडिया में इसके लिए चलाये जा रहे कई अभियान देख रहे होंगे, लेकिन क्या पत्निया ही प्रताड़ित होती है? क्या पति अपनी पत्नी द्वारा नहीं सताया जाता है या जा सकता है?

इतिहास अपने को दोहराता है और धीरे धीरे वो समय आ गया है जब पुरुष भी महिलाओ द्वारा येन केन प्रकारेण सताये जा रहे है, ऐसे में उनके हक़ की बात भी होनी चाहिए! एक तो कानून भी ऐसे ही है जैसे की वर पक्ष तो आरोप लगते है कानून की चपेट में आ जाता है...



अब मर्दो के हक़ में भी आवाजे उतनी शुरू हो गई है और एक पत्नी द्वारा सताये गए शक्श ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पत्नी द्वारा सताये गए अपने ही जैसे लोगो के लिए एक आश्रम खोल दिया है! भारत फुलारे के सर कुल 150 मामले उनकी पत्नी ने दर्ज करवाए है और वो खुद भी एक पीड़ित है!

अब तक उनके आश्रम में सैकड़ो पीड़ित आ चुके है, यंहा उनके लिए खाने पिने ठहरने की उत्तम व्यवस्था है लेकिन यंहा शरण मिलने की कुछ शर्ते है! मसलन उस पीड़ित पति पर कम से कम 20 मामले पत्नी द्वारा दर्ज होने चाहिए, ऐसी सूरत में ही उसे इस आश्रम में एंट्री मिलेगी!

यंहा मुख्य रूप से पतियों को क़ानूनी सलाह दी जाती है ताकि वो अपने न्याय की लड़ाई लड़ सके....

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