मस्जिद समझ कर ताजमहल देखने आये NBA प्लेयर केविन डेरेंट रस्ते में गाय और कुत्ते देखकर हैरान...

"कभी लोग भारत को सपेरों का देश कहते थे, तो क्या आज स्तिथिया पलट गई है! बेशक कुछ हद तक पलटी है लेकिन NBA प्लेयर डेरेंट आज भी भारत को 20 साल पीछे मानते है, पर क्यो"
दुनिया भर में भारत के प्रति आकर्षण है क्योंकि हमारी सभ्यता संस्कृति सबसे पुरानी और अनोखी है, लेकिन कंही न कंही विकास में पिछड़ने के चलते हम आज भी दुसरो की उम्मीदों पर खरे नहीं उत्तर पाते है! खुले में शौच के चलते ही दुनिया हमें गरीब देश समझती है!

हालही में बास्केट बॉल के प्रतिष्ठित खिलाडी केविन डेरेंट भारत आये, उनके भारत में काफी प्रशंसक हो गये है! केविन ने अपनी इस यात्रा के काफी पलो को वीडियो में शूट किया था जो उन्होंने शेयर किया लेकिन भारत उनकी उम्मीदों पे खरा नहीं उतरा, जाते जाते उन्होंने ये कह दिया की ये जगह अभी भी 20 साल पीछे है (दुनिया से)!



पहली बार भारत आये केविन ने यंहा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया, उन्होंने एक साथ 3500 बच्चो को बास्केटबॉल क्लास दी जो की अपने आप में एक रिकॉर्ड है! रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के चलते वो भारत आये थे, वो ताजमहल देखने भी गए लेकिन उनकी प्रतिक्रिया काफी निराशाजनक रही (भारत के लिए).

डुरैंट ने कहा, 'मेरा अनुभव काफी विचित्र रहा. मैं किसी भी तरह की उम्मीद लेकर नहीं गया था कि ये देश कैसा होगा. मैंने सोचा था कि भारत मैं अलग-अलग जगह घूमूगां जहां मुझे रॉयल जीवनशैली और सोने से सजी चीजें दिखेंगी. मैंने सोचा था कि भारत दुबई की तरह होगा. लेकिन यहां पहुंचकर जब मैंने लोगों की संस्कृति और रहन-सहन को देखा तो समझ आया कि ये सब कितना संघर्षपूर्ण है.'

ताज महल के बारे में उन्होंने सोचा की ये एक धार्मिक स्थल है इसलिए साफ सुथरा होगा लेकिन रास्ते में बन्दर, कुत्ते और घंटी गायो ने उन्हें चौंका दिया! उन्होंने आगे कहा की अभी ये देश बाकियो से 20 साल पीछे है यंहा सुविधाएं नहीं है लेकिन इसपर भी ये लोग बास्केटबॉल सीखना चाहते है!

आपको क्या लगता है उन्होंने जो कहा वो सच है या झूठ, अगर सच है तो जिम्मेदार कौन है सरकार या पब्लिक??? 

Share This Article:

facebook twitter google